देश के कई हिस्सों में बारिश, लेकिन दिल्ली अभी भी गर्मी से बेहाल
एक तरफ देश के कई राज्यों में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है और लगातार बारिश हो रही है, वहीं दूसरी तरफ राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में लोग अब भी गर्मी और उमस से परेशान हैं। पिछले कुछ दिनों में तेज आंधी और हल्की बारिश के बावजूद दिल्लीवासियों को राहत नहीं मिल पाई है।
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है और महाराष्ट्र तक पहुंच चुका है। दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में अच्छी बारिश दर्ज की जा रही है, लेकिन दिल्ली-NCR में मानसून के आने में अभी कुछ समय बाकी है।
आखिर बारिश के बाद भी क्यों नहीं कम हो रही दिल्ली की गर्मी?
दिल्ली के लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब बारिश हो रही है तो तापमान नीचे क्यों नहीं आ रहा?
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि हाल के दिनों में दिल्ली में जो बारिश हुई, वह मानसून की बारिश नहीं थी। यह प्री-मानसून गतिविधियों और पश्चिमी विक्षोभ के कारण हुई थी। ऐसी बारिश कुछ घंटों के लिए राहत जरूर देती है, लेकिन लंबे समय तक तापमान को नियंत्रित नहीं कर पाती।
इसके अलावा दिल्ली में अभी भी पश्चिमी और शुष्क हवाओं का प्रभाव बना हुआ है। बारिश के बाद वातावरण में नमी बढ़ जाती है, जिससे उमस अधिक महसूस होती है। यही कारण है कि लोगों को तापमान से ज्यादा गर्मी और चिपचिपाहट परेशान कर रही है।
दिल्ली में मॉनसून कब देगा दस्तक?
भारतीय मौसम विभाग के ताजा अनुमान के अनुसार दिल्ली-NCR में मानसून जून के आखिरी सप्ताह में पहुंच सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि 25 से 30 जून के बीच राजधानी में मानसूनी बारिश की शुरुआत होने की संभावना है।
आमतौर पर मानसून 27 जून के आसपास दिल्ली पहुंचता है। हालांकि इस वर्ष केरल में मानसून की शुरुआत सामान्य से थोड़ी धीमी रही थी, इसलिए आगे की प्रगति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
यदि मौसम की परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो जून के अंतिम दिनों में दिल्लीवासियों को गर्मी से बड़ी राहत मिल सकती है।
महाराष्ट्र में मॉनसून की एंट्री से बढ़ी उम्मीदें
महाराष्ट्र के लिए अच्छी खबर यह है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून राज्य में प्रवेश कर चुका है। मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले दिनों में राज्य के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं।
मुंबई, पुणे, कोंकण और आसपास के इलाकों में अच्छी बारिश की संभावना जताई गई है। इससे जलाशयों का जलस्तर बढ़ने और किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।
हालांकि राज्य के कुछ अंदरूनी इलाकों में शुरुआती दिनों में बारिश की रफ्तार थोड़ी धीमी रह सकती है, लेकिन मानसून के सक्रिय होने के साथ स्थिति बेहतर होती जाएगी।
दक्षिण भारत में बारिश का कहर
केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु में मानसून पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश रिकॉर्ड की गई है।
केरल के कुछ क्षेत्रों में रेड अलर्ट जारी किया गया है, जबकि कर्नाटक के तटीय इलाकों में लगातार हो रही बारिश के कारण जलभराव और स्थानीय बाढ़ जैसी स्थिति देखने को मिल रही है।
दिलचस्प बात यह है कि चेन्नई समेत तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में बारिश होने के बावजूद तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। इसका मुख्य कारण वातावरण में मौजूद अत्यधिक नमी और स्थानीय मौसमीय परिस्थितियां हैं।
पूर्वोत्तर राज्यों में लगातार बरस रहे बादल
पूर्वोत्तर भारत में मानसून पूरी ताकत के साथ सक्रिय है। असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में लगातार बारिश हो रही है।
मौसम विभाग ने कई पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ की चेतावनी भी जारी की है। स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने और लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
विशेषज्ञों के अनुसार अगले कुछ दिनों तक इस क्षेत्र में भारी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
उत्तर भारत में अभी और बढ़ सकती है गर्मी
जहां दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में बारिश हो रही है, वहीं उत्तर-पश्चिम भारत के कई राज्यों में गर्मी का असर बना हुआ है।
राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया जा रहा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है।
हालांकि मानसून के आगे बढ़ने के साथ इन इलाकों में भी मौसम बदलने की संभावना है।
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अगले 48 घंटे क्यों माने जा रहे हैं अहम?
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले 48 घंटे मानसून की प्रगति के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।
इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है:
- महाराष्ट्र
- गोवा
- कर्नाटक
- केरल
- तमिलनाडु
- तेलंगाना
- आंध्र प्रदेश
- असम
- मेघालय
- अरुणाचल प्रदेश
- बिहार
- पश्चिम बंगाल
- झारखंड समेत कई अन्य राज्य
इसके अलावा कई क्षेत्रों में तेज हवाएं, बिजली गिरने और भारी वर्षा की चेतावनी भी दी गई है।
किसानों के लिए राहत लेकर आ रहा है मानसून
देश के कृषि क्षेत्र के लिए मानसून का समय पर पहुंचना बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। खरीफ फसलों की बुवाई शुरू होने वाली है और अच्छी बारिश किसानों के लिए राहतभरी खबर है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मानसून इसी तरह सक्रिय बना रहा तो धान, मक्का, सोयाबीन और अन्य खरीफ फसलों की खेती को बड़ा फायदा मिल सकता है।
हालांकि पूरे सीजन का आकलन अभी जल्दबाजी होगा और आगामी हफ्तों की बारिश पर नजर रखना जरूरी रहेगा।
निष्कर्ष
देशभर में मानसून धीरे-धीरे अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है। महाराष्ट्र में इसकी एंट्री हो चुकी है, दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में अच्छी बारिश देखने को मिल रही है, जबकि कई राज्यों में भारी वर्षा का अलर्ट जारी है।
दूसरी ओर दिल्ली-NCR के लोगों को अभी कुछ और दिनों तक गर्मी और उमस का सामना करना पड़ सकता है। मौसम विभाग का अनुमान है कि जून के आखिरी सप्ताह में मानसून राजधानी में दस्तक दे सकता है। तब तक दिल्लीवासियों को प्री-मानसून बारिश, उमस और गर्म हवाओं के मिश्रित मौसम के लिए तैयार रहना होगा।

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